वैवाहिक विवाद केवल क़ानूनी नहीं, भावनात्मक भी होते हैं। मेरी कोशिश रहती है कि आपको शुरुआत में ही साफ़ पता हो कि आपके सामने कौन से रास्ते हैं, कितना समय लग सकता है और किन बातों से बचना है। जहां समझौता संभव हो, वहां लिखित समझौता पूरे मामले को आसान बना देता है।
मैं किन मामलों में सहायता करता हूं
- हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13B के तहत आपसी सहमति से तलाक
- विवादित तलाक (कंटेस्टेड डिवोर्स), न्यायिक पृथक्करण और दांपत्य अधिकारों की पुनर्स्थापना
- BNSS की धारा 144 (पहले CrPC की धारा 125) और व्यक्तिगत क़ानूनों के तहत भरण-पोषण
- घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत कार्यवाही
- संरक्षक और प्रतिपाल्य अधिनियम, 1890 के तहत बच्चों की कस्टडी और मुलाक़ात
- दहेज और क्रूरता के मामलों में बचाव, और समझौते के आधार पर मामले रद्द कराना
- हाई कोर्ट में ट्रांसफ़र याचिकाएं और अपील
आपसी सहमति से तलाक: प्रक्रिया और समय
जब दोनों पक्ष सहमत हों और कम से कम एक वर्ष से अलग रह रहे हों, तो धारा 13B के तहत संयुक्त याचिका दी जाती है। पहले और दूसरे मोशन के बीच छह महीने का अंतर होता है, जिसे अदालत उपयुक्त मामलों में परिस्थितियां देखकर माफ़ कर सकती है। गुज़ारा भत्ता (एलिमनी), बच्चों की कस्टडी और सामान की वापसी पहले लिखित समझौते में तय कर लेने से प्रक्रिया बहुत आसान हो जाती है।
जब एक साथ कई मुक़दमे चल रहे हों
वैवाहिक विवाद में अक्सर एक साथ कई मामले चलते हैं: तलाक की याचिका, भरण-पोषण की अर्ज़ी, घरेलू हिंसा की शिकायत और आपराधिक मामला। इन सबके लिए एक ही सुसंगत रणनीति चाहिए, क्योंकि एक मामले में कही गई बात दूसरे मामलों में इस्तेमाल होती है।
पहले परामर्श में क्या लाएं
- विवाह का प्रमाण, जैसे विवाह प्रमाण पत्र, निमंत्रण पत्र या फ़ोटो
- अब तक दायर किसी भी मामले, नोटिस या शिकायत की प्रति
- आय से जुड़े दस्तावेज़, अगर भरण-पोषण का सवाल है
- बच्चों से जुड़ी जानकारी, जैसे उम्र और स्कूल
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आपसी सहमति से तलाक के लिए क्या शर्त है?
क्या छह महीने का इंतज़ार कम हो सकता है?
भरण-पोषण (मेंटेनेंस) किस क़ानून में मांगा जाता है?
बच्चे की कस्टडी किस क़ानून से तय होती है?
क्या पहली बातचीत फ़ोन या वीडियो कॉल पर हो सकती है?
यह जानकारी केवल सामान्य समझ के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। हर मामले का परिणाम उसके अपने तथ्यों और लागू क़ानून पर निर्भर करता है।
यह जानकारी अंग्रेज़ी में: Divorce and family lawyer in Lucknow